
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे सांसद आजाद ने बताया कि जिले के 130 से अधिक गांव गुलदार के हमलों से प्रभावित हैं। पिछले कुछ सालों में लगभग 50 लोगों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। पिछले 15 दिनों में ही तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं प्रदर्शनकारियों ने गुलदार की समस्या के साथ-साथ बाढ़ से हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। मृतकों के परिवार को मिलने वाले 5 लाख रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। सांसद आजाद ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों की जान जा रही है सांसद ने यह भी कहा कि हम लगातार प्रयास कर रहे हैं में केंद्रीय मंत्री से मिला था। लोकसभा में मैने मुद्दा उठाया था। मुझे आश्वासन मिला की काम होगा लेकिन फिर भी लोगों की जान जा रही है। अब मैं समझता हूं। इस पर चुप्पी साधे रखना उन हत्याओं में बराबर का दोषी बनना है, जिसमें गुलदार द्वारा हत्या की जा रही है। अब इसमें चुप नहीं रहा जा सकता और इसलिए हम आज आंदोलन कर रहे हैं उन्होंने कहा की रात में जो गुलदार बाहुल्य जगह है, जहां पर गुलदार हमला कर रहा है। हम लोग उस क्षेत्र में जाकर कैंप लगाकर रहेंगे। हमारा जीवन भी आम आदमी के जीवन से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। जब हम जिन लोगों के लिए लड़ रहे है उनकी रक्षा नहीं कर सकते हैं तो हम क्या करें। हालांकि जिम्मेदारी शासन प्रशासन अधिकारियों की है, लेकिन अधिकारियों के संवेदनाएं खत्म हो गई।










